६- भारत का कानून अंग्रेजों द्वारा बनाया गया है, जो वे अपनी सुबिधा के अनुसार दोहरे मापदंड को ध्यान में रखकर, दमनकारी नीतियों को लागु करने के लिए तैयार किया था, अफशोस भारत आज भी उसी कानून तथा कानूनी भाषा कि चक्की में आम जनता को पीस रहा है, आज सम्बिधान पर एक लम्बी बहस करके ब्यापक संसोधन की जरूरत है, देश में हिंदू ब्यक्तिगत कानून, मुस्लिम ब्यक्तिगत कानून तथा प्रादेशिक बिशेशाधिकार कानून खत्म करके एक कानून लाया जाय जो देश के जनसमुदाय हित में न होकर देश के जनहित में हो
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