पाकिस्तान द्वारा आतन्कियो पर कार्यवाही हसी न आनेवाले एक भद्दे मजाक से ज्यादा कुक्ष नहि हे, यदि अमेरिका के केहने पर पाकिस्तान चलता तो ओसामा बिन लादिन कब का फाशी चड चुका होता, यदि पाकिस्तान चाहता तो दुनिया मे आतन्कवाद होता हि नहि, अमेरिका ने आतन्कवाद रुपी जिस जिन्न को पेदा किया हे उसी के खोफ से पाकिस्तान को गोद मे बिठा रखा हे, अमेरिका कि मजबूरी को भारत को सनझना चाहिए……
१-भारत पकिस्तान से दोस्ती कर्ने व निभाने के बारे मे हमेशा के लिए त्याग दे॑. क्यो कि ए हो नही सकता… ४०० साल का ईतिहास गवाह हे॑.
२-ब्यवहारिक व ब्यपारिक हर तरह का सम्बन्ध हमेशा के लिए खत्म कर दे. क्यो कि ए चल नही सकता…. १९४७ से आज तक बस, अब ओर नही.
३-भारत का पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिक्रित काशमीर पर हमला भारत के बिकास हित मे नही होगा. क्यो कि पाकिस्तान के पास खोने के लिए कुक्ष भी नही हे…. भारत का २०२० तक शर्वोपरि होने का सपना जरुर टूटेगा.
४-भारत अपनि सीमाऍ पुरी तरह से सील करके हर नागरिक को अपना परिचय पत्र बनवाने का आदेश दे. क्यो कि एक करोड से ज्यादा लोग यहॉ अनाधिकृत रुप से रह रहे हे, जो आतन्कवादी हे, या हो सकते हे….. समक्षोत “एक्स्प्रेस” ओर भाइ चारा “बस्” शहीदो ओर बेकसुर लोगो कि लासो पर कब तक चलेगी.
५-भारत का पाकिस्तान से २० आतन्कवादियो कि मॉग भी गलत ओर गेर जरुरी हे. क्यो कि भारत उसे सजा तो दे नही सकता, आम अपराधी ओर आतन्कवादी मे फर्क् नही जान्ता, कल वो भी सान्सद ओर फिर मन्त्री बन जाएगा या एक ओर कन्ध्हार…. “भारत को टाडा ओर पोटा से भी कठोर कानून कि जरुरत हे, देस का हर नागरिक ईसके लिए तॅयार हे कुक्ष रायसाहबो ओर दरबारियो के बन्सजो को झोड कर.
क्या ४०० साल के मुगलो कि तानासाही बरबर सासन का डर, ओर २०० साल के अन्ग्रेजो कि गुलामी का असर आज भी हम पर हाबी हे ? हमारी गुलामी के लिए कोन जिम्मेदार थे, मुठी भर मुगल, गिनती के गोरे या फिर हम खुद् ? भारत जिस दिन ईस बात को गम्भीरता से सोचेगा ओर समझ लेगा…… आज भि भारत उस हॉथी कि तरह हे जिसे अपनि ही ताकत का पता नहि हे वर्ना…..खरगोश पकणने के लिए मचान नहि बाधता.
Friday, 12 December 2008
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


No comments:
Post a Comment