Thursday, 9 April 2009

आजादी

आजादी से लेकर आज तक कांग्रेस देश के साथ धोखा करति आ रही है, भारत का कोई भी क्रांतिकारी जिन्होंने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया श-शर्त आजादी नही शम्पूर्ण स्वराज्य चाहता था, लेकिन कांग्रेसी दलालों ने न शिर्फ अंग्रेजों से समझोता करके आजादी स्वीकार की बल्कि उनकी बातो में आकर देश के टुकड़े भी कर डाले इनके जुल्मों कि कहानी यहाँ से सुरु होती है भारत को सोने कि चिडिया कहा जाता था हमारे भारत को मुगलों और अंग्रेजों ने दरबरिओं और रायसाहबों के साथ मिलकर खूब लूटा